Global Chip Shortage

तो सबसे पहले मैं यह चीज़े स्पस्ट कर देना चाहता हूँ की इस विडियो में मैं कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोग होने वाले चिप्स के बारे में बात करने वाला हूँ, जो की सेमीकंडक्टर से बनाये जाते हैं। ये कंप्यूटर चिप्स बहुत तरीके के होते हैं जैसे कि रेसिस्टर, ट्रांजिस्टर, डायोड या फिर ये एक सिस्टम आन चिप हो सकता या एक पूरी तरह से संकलित एक प्रोसेसर हो सकता हैं।

तो ये जो कंप्यूटर सेमीकंडक्टर चिप्स हैं आप उनको अपने आस पास अगर नज़र डालने पर बहुत से उपकरणों में प्रयोग होते हुए देखेने को मिलेगा। इन कंप्यूटर चिप्स को बहुत से छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे एक LED बल्ब से लेकर आपके मोबाइल में उपयोग किया जाता हैं। 

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तो सबसे पहले हम यह समझते हैं की ये कंप्यूटर चिप्स कहाँ बनाई जाती हैं। जिन फैक्ट्री में इन कंप्यूटर चिप्स को बनाया जाता हैं उन्हें फेब्रिकेशन प्लांट कहा जाता हैं या FABS भी कहा जाता हैं। चिप्स की बनाने के लिए तिन मुख्य बातो का विशेष धयान रखना पड़ता हैं। पहली बात तो यह हैं कि जिस फैक्ट्री में इन कंप्यूटर चिप्स को बनाया जाता हैं वहाँ कोई भी धुल, मिट्टी नहीं होनी चाहिए इसके अलावा बिजली और तापमान बहुत ज्यादा नियंत्रित चाहिए।

तो इन सभी कारणों के कारण इन फेब्रिकेशन प्लांट को बनाना बहुत चुनौती का काम हैं। फेब्रिकेशन प्लांट बनाने में बहुत ज्यादा खर्च भी आता हैं और इन्हें बनाने में एक दो साल का वक्त भी लग जाता हैं। इसका मतलब एक बहुत ज्यादा निवेश और समय के बाद किसी फेब्रिकेशन प्लांट को स्थापित किया जाता हैं।

तो फेब्रिकेशन प्लांट में किस बात की दिक्कत आ रही हैं की दुनिया भर में कंप्यूटर चिप्स की आपूर्ति नहीं हो पा रही हैं।अगर ज्यादा माँग है, तो बस इन फेब्रिकेशन प्लांट को कहो की वो दिन रात काम करें और नए कंप्यूटर सेमीकंडक्टर बनाते रहे। इस बात में इतना जोर देने की क्या जरूरत हैं जिसके ऊपर एक आर्टिकल लिखा गया हैं।

देखा जाये तो बात ये नहीं हैं, ये जो फेब्रिकेशन प्लांट हैं वो पहले से ही अपनी पूरी क्षमता में काम कर रहे हैं। तो इस आपूर्ति की शुरुआत कोरोना वायरस के कारण किये गए लॉकडाउन से शुरू होती हैं। लॉकडाउन के दौरान बाजार के दिग्गज विश्लेषक के अनुसार आम नागरिक के अनावश्यक खर्च में लगाम लग जाएगी। इस चीज़ को वाहन निर्मातों ने भी समझा और वाहन उत्पादन को बंद कर दिया। और तो और वाहन निर्माताओं ने वाहन में उपयोग होने वाले कंप्यूटर चिप्स का भी आर्डर रद्द कर दिया।

ऐसा वाहन निर्माताओं ने इसलिए किया क्योंकि आज कल के वाहन बहुत आधुनिक होते हैं और इसमें बहुत से कंप्यूटर चिप्स का उपयोग किया जाता हैं। बहुत सारे कंप्यूटर चिप्स उपयोग करने के कारण ये कंप्यूटर चिप्स वाहन के लागत में अपनी काफ़ी हिस्सेदारी रखते हैं। इसलिए वाहन निर्माताओं ने कंप्यूटर चिप्स के आर्डर को रद्द करके अपने परिचालन लागत को कम करना एक बेहतर विकल्प सोचा

लॉकडाउन के खुलते ही अर्थव्यवस्था में सुधार देखने को मिली और जो भी अर्थव्यवस्था को लेकर अनुमान लगाए गए थे वो गलत साबित हो गए। लॉकडाउन के दौरान बहुत से लोग घर से काम कर रहे थे और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी ऑनलाइन होने लगी।

Work From Home

ऑनलाइन पढ़ाई और काम के कारण जिस घर में पहले एक या दो कंप्यूटर या लैपटॉप से काम चल जाता था। वहाँ अब एक घर के सभी सदस्यों को अलग अलग कंप्यूटर, लैपटॉप, टेबलेट या मोबाइल की जरुरत पड़ने लगी। ऑनलाइन पढ़ाई और काम करने के लिए किसी ने नया लैपटॉप, कंप्यूटर, टेबलेट या मोबाइल लिया तो किसी ने वेबकैम लिया तो किसी ने अपने मनोरंजन के लिए नया टीवी लिया।

लॉकडाउन के कारण बस जरूरत के सामान बेचे जा रहे थे और बाकी चीजों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। तो ऐसे में कंप्यूटर या लैपटॉप जैसे उपकरण भी जरूरतमंद चीजों में नहीं आते तो उन्हें बेचा नहीं जा रहा था। ऐसे में फेब्रिकेशन प्लांट को घटते माँग के कारण बंद भी कर दिया गया था। लेकिन जैसे ही लॉक डाउन खोला गया और बाकी चीजों की बिक्री से प्रतिबंध हटाया गया तो उन्हें बहुत ज्यादा मात्रा में खरीदा गया।

ऐसे में अचानक से कंप्यूटर पार्ट्स के मांग में बहुत ज्यादा वृद्धि आई। कंप्यूटर चिप्स के मांग में वृद्धि का एक और कारण यह था कि लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन मीटिंग और ऑनलाइन मनोरंजन का उपयोग बहुत ज्यदा बढ़ गया था जिसके कारण बहुत से ऑनलाइन मीटिंग और ऑनलाइन मनोरंजन वाले कम्पनी ने अपने नए सर्वर बनाये।

कंप्यूटर चिप के माँग बढ़ने का एक और यह कारण हो सकता हैं की इस साल बहुत से कम्पनी अपने मोबाइल को 5G नेटवर्क के क्षमताओं  के साथ लांच कर रही हैं। 2020 में बेचे गए सभी मोबाइल में से 30 प्रतिशत मोबाइल फ़ोन 5G को सपोर्ट करते थे। 5G के लिए मोबाइल फ़ोन में अतिरिक्त चिप्स के उपयोग किया गया था।

BitCoin Image

कंप्यूटर चिप्स के माँग बढ़ने के पीछे एक और कारण यह बताया जा सकता हैं की हाल ले कुछ महीनो के क्रिप्टोकरेंसी में बहुत ज्यादा बढ़त देखेने को मिली। नए लोग क्रिप्टोकरेंसी में निवेश और लेनदेन करना चालू कर दिया जिससे ज्यादा मीनिंग क्षमता का उपयोग किया जाने लगा और कंप्यूटर चिप की मांग बढ़ती चली गयी

लॉक डाउन खुलने के बाद वाहन बाज़ार में भी सुधर देखेने को मिली तो उनको अब फिर से कंप्यूटर चिप्स की जरुरत पड़ने लगी। तो जब सभी कंपनियों ने यह पाया की इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की माँग बहुत ज्यादा बढ़ गयी हैं तो उन्होंने फेब्रिकेशन प्लांट को कंप्यूटर चिप खरीदनेके लिए आर्डर दे दिया गया।

तो जो कंप्यूटर चिप के फेब्रिकेशन का काम मुख्य रूप से सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स, ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, इंटेल कारपोरेशन और क्वालकॉम द्वारा किया जाता हैं। कंप्यूटर चिप के माँग बढ़ने के बाद फेब्रिकेशन प्लांट के पास जो भी स्टॉक था वो सब बहुत जल्दी ख़तम हो गया।

आचानक से माँग बढ़ने के बाद फेब्रिकेशन प्लांट अपने पुरे क्षमता में काम करने के बाद भी कंप्यूटर चिप के माँग की पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। जो कंप्यूटर चिप के माँग में वृद्धि आई हैं वो कोरोना वायरस के पहले से भी बहुत ज्यादा हैं।

जैसा की हमने पहले ही बाद किया था की फेब्रिकेशन प्लांट बनाने में बहुत ज्यादा पैसे और समय लगता है। बड़े बड़े फेब्रिकेशन प्लांट जैसे सैमसंग और ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरर नए फेब्रिकेशन प्लांट बनाने में लगी हुई है लेकिन अनुमान के मुतबिक कंप्यूटर चिप्स की कामी अभी कुछ समय तक रहेगा ही इसका वर्त्तमान में कोई समाधान नहीं हैं।

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