मोबाइल के डिब्बे में साथ में चार्जर क्यों नहीं दिया जा रहा हैं ?

Why No Charger

आप जानते हैं कि यह हमेशा संदेह जनक होता है, जब कोई आपसे कुछ ज़रूरतमंद चीज़ दूर ले जाता है, लेकिन फिर वे आपको यह समझाने की कोशिश करता हैं कि यह आपके अपने फायदे के लिए है यह हाल ही में मोबाइल फ़ोन की कंपनी अपना ग्राहकों के साथ ऐसा कर रही हैं

जितने भी बड़े बड़े मोबाइल बनाने वाले कम्पनी हैं जैसे एप्पल, सैमसंग, साओमी अपने मोबाइल के साथ चार्जर नहीं देती लेकिन पहले ऐसा नहीं था मुझे यह कहने में भी कोई संदेह नहीं हैं की भविष्य में आने वाले बहुत से मोबाइल कंपनी भी आपको मोबाइल के साथ चार्जर नहीं देंगे और इन सभी कंपनियों का इसके पीछे बस एक ही वजह बताई जा रही हैं की वो वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए ऐसा कर रही हैं

पर मैं ये सोचने में मजबूर हो गया की क्या असल में मोबाइल के डिब्बे में चार्जर नहीं देने से क्या वातावरण को सही में कोई फायदा हो रहा हैं या कंपनी अपने फायदे के लिए ऐसा कर रही हैं। तो अगर सोचा जाये तो हाँ कम्पनी के द्वारा चार्जर नहीं देने के पहलू के एक तरफ देखे तो हाँ इससे वातावरण को कुछ लाभ अवश्य मिलेगा।

कंपनियों के हिसाब से अगर सब चीज़े वैसे ही रहे जैसा वे सोचते हैं तो उनके अनुसार वो मोबाइल के पैकिंग के लिए एक छोटा कार्ड-बोर्ड के डिब्बे के उपयोग का सके हैं और वातावरण को एक छोटे प्लास्टिक के चार्जिंग एडाप्टर से बचा सकते हैं जो एक दिन कूड़े में पड़ा रहेगा। इस तर्क के साथ हम सैमसंग के तरफ से आने वाला गैलेक्सी s21 के डिब्बे को देख सकते हैं जो पिछले साल के गैलेक्सी s20 के डिब्बे से बहुत छोटा हैं।

Ecommerce Packing

पर सबसे ज्यादा ध्यान करने वाली बात के हैं की मोबाइल और चार्जर की पैकिंग को नज़रन्दाज  करते हुए हम ऑनलाइन आर्डर के डिलीवरी के समय उपयोग होने वाले डिब्बे के बारे में बात करें तो सच में पैकिंग मटेरियल  दोगुना उपयोग होता हैं।

इसमें बस ऐसा नहीं हैं की मोबाइल और चार्जर के डब्बे ही वातावरण को नुकसान पहुँचाते हैं इसमें बहुत सी चीजों की भागीदारी होती हैं जैसे डिलीवरी के समय दो पैकिंग बॉक्स और कूरियर सर्विस की आपके घर तक दो बार आना पड़ेगा जिससे ईंधन का भी प्रयोग बढ़ेगा।

ये बात यहाँ ख़तम नहीं होती कम्पनी तो अभी अभी ही मोबाइल के डब्बे से चार्जर हटाना चालू की हैं लेकिन ये बात ईरफ़ोन के साथ भी लागू होती है। अगर आपके नए मोबाइल में एक ईरफ़ोन कनेक्ट करने का खांचा हैं तो ठीक हैं की कम्पनी ईरफ़ोन को मोबाइल से साथ नहीं देती क्योंकि ईरफ़ोन बहुत पहले से चले आ रहे हैं तो आपके पास एक अच्छा ईरफ़ोन तो तो होगा ही।

Earphone packing

लेकिन अगर आपके नए मोबाइल में ईरफ़ोन लगाने का खांचा नहीं हैं तो आपको क्या लगता हैं की सभी लोगो के पास USB Type-C वाला ईरफ़ोन होगा ? जिससे वो अपने नए फ़ोन में ईरफ़ोन का उपयोग कर सके। मैं ये नहीं कह रहा हूँ की आप एक वायरलेस ईरफ़ोन नहीं कह्रीद सकते लेकिन वायरलेस ईरफ़ोन काफी महंगे होते हैं।

तो इसमें बहुत से लोगो को ये रास्ता दिखाता हैं की वो किसी ऑनलाइन स्टोर से एक सस्ता ईरफ़ोन खरीद लेंगे लेकिन फिर यहाँ वो पूरा पैकिंग से लेकर डिलीवरी तक फिर से वातावरण को नुकसान पहुंचेगा।

मेरा यहाँ ये नहीं कहना हैं की कोई ऑनलाइन स्टोर डिलीवरी में वातावरण को जानबूझकर नुकसान पहुँचाते हैं ऐसा इसलिए होता हैं क्योंकि वे एक ही जगह बहुत सारे चीजों का पैकिंग करते हैं और उनके लिए अपने डिब्बे को किसी एक सामान के लिए विशेष तौर पर बनाना संभव नहीं हैं लेकिन ये किसी मोबाइल कम्पनी के लिए ज़रुर संभव हैं।

अगर एक कम्पनी खुद के ही डिब्बे में एक चार्जर और ईरफ़ोन देना चालू कर देती है तो ये नहीं हैं की सब लोग उसमे आने वाली सभी चीजों का उपयोग करें लेकिन बहुत से लोग उनका उपयोग करेंगे। और मेरे ख्याल से मोबाइल के डिब्बे में चार्जर और ईरफ़ोन देने से वातावरण को 2-3 गुना कम नुकसान पहुँचेगा।

मुझे ये कहने में भी कोई आशंका नहीं हैं की भविष्य में बहुत से कंपनियाँ मोबाइल के साथ आने वाले बेसिक कवर को भी देना बंद कर देंगी और उसका कारण वातावरण को बताया जायेगा। मेरा यह मानना हैं की हमे अपने वातावरण को सुरक्षित रखना चाहिए लेकिन मोबाइल कंपनियों के द्वारा उठाया गया यह कदम वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए सबसे अच्छा कदम नहीं हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here